हिमाचल में कोई भी चुनाव जीते सरकार बैसाखियों पे ही चलेगी
हिमाचल में चुनाव जोरो शोरो से चल रहे है
लेकिन सिर्फ चुनावी पार्टीयों के लिये
जनता खामोश सब देख रही है
जनता खामोश सब देख रही है
हर कोई भरसक कोशिश कर रहा है जनता के मन को टटोलने का।
खैर चुनावी अनुमानों में बीजेपी बढ़त लेती दिख रही है।
और अमित शाह के प्रेम कुमार धूमल को मुख्यमंत्री पद की घोषणा ने सियासी पारा चढ़ा दिया है।
हिमाचल की जनता बीजेपी की सरकार तो चाहती है लेकिन धूमल को मुख्यमंत्री पद पर नहीं। यूपी महाराष्ट्रा और अन्य बीजेपी शासित प्रदेशों की तरह कोई नया चेहरा चाहती है।
खैर चुनावी अनुमानों में बीजेपी बढ़त लेती दिख रही है।
और अमित शाह के प्रेम कुमार धूमल को मुख्यमंत्री पद की घोषणा ने सियासी पारा चढ़ा दिया है।
हिमाचल की जनता बीजेपी की सरकार तो चाहती है लेकिन धूमल को मुख्यमंत्री पद पर नहीं। यूपी महाराष्ट्रा और अन्य बीजेपी शासित प्रदेशों की तरह कोई नया चेहरा चाहती है।
पिछला चुनाव भी कुछ ईसी तरह बीजेपी के हाथ से निकल गया था।
हिमाचल की जनता किसी युवा को मुख्यमंत्री के पद पर देखना चाहती है
यही मोदी जी का भी मुद्दा रहा है
पर ना जाने हिमाचल की जनता को कब कोई नया चेहरा देखने को मिलेगा ।
हिमाचल की जनता किसी युवा को मुख्यमंत्री के पद पर देखना चाहती है
यही मोदी जी का भी मुद्दा रहा है
पर ना जाने हिमाचल की जनता को कब कोई नया चेहरा देखने को मिलेगा ।
पर ये बात तो तय है कि ना तो बीजेपी और ना ही कांग्रेस हिमाचल को बैसाखियों की सरकार से उपर ऊठाना चाहते है
इससे यही साबीत होता है कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी कड़ी का कोई महत्व ही नहीं है
लोग की भावना विश्वास, उनकी चाह कोई महत्व नहीं रखती
हमें वही खाना पड़ता है जो हमारे सामने परोसा जाता है।
यही होता आया है
यही होता रहेगा
यही होता रहेगा
कयूंकि जिस बदलाव की उम्मीद हिमाचल कर रहा था
फिलहाल वो तो मिलता नहीं दिख रहा
फिलहाल वो तो मिलता नहीं दिख रहा
कयूंकि राजनीती में कई कदावर नेताओं की कोई जगह नहीं है
शांता कुमार
जब कही जाता हूं बस यही नाम है जिनके बारे में कोई गलत नहीं बोलता
बस ये समझ लो जो नाम जो रूतबा हिन्दुस्तान की राजनीती में अटल बिहारी वाजपेयी का है
शांता कुमार जी भी वही औहदा और सम्मान रखते है।
लेकिन आज के दौर में कई युवा भी ऐसे है जो प्रतिभाशाली होने के साथ साथ हिमाचल की बागढोर संभालने की काबीलियत रखते है
लेकिन आज के दौर में कई युवा भी ऐसे है जो प्रतिभाशाली होने के साथ साथ हिमाचल की बागढोर संभालने की काबीलियत रखते है
लेकिन ना जाने ये दिन कब नसीब होगा हिमाचल वासियों को।
कल्पना करता हूं नवयौवन से भरपूर हिमालय को बूड़ी राजनीती से आजादी मिले।
आपको लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व की हार्दिक शुभकामनायें
मतदान आपका अधिकार ही नहीं कर्तव्य भी है
जय हिन्द जय हिमाचल



bilkul shi kha apne
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